NMDC खदान जल्द शुरू हो ,नहीं तो आंदोलन करेंगी कांग्रेस
पन्ना
मध्य प्रदेश के पन्ना में स्थित एशिया की एकमात्र हीरा खदान एनएमडीसी में नए वर्ष की शुरुआत के साथ उत्खनन का काम पूरी तरह बंद हो चुका है और अब इस मामले को लेकर सियासत तेज होने लगी है। कुछ दिन पहले ही स्थानीय सांसद व प्रदेश अध्यक्ष बी डी शर्मा ने मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की थी और खदान को अनुमति दिलाने की मांग की थी।
मुख्यमंत्री ने इसके लिए आश्वासन भी दिया है, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार सुनियोजित तरीके से इस खदान को उद्योगपतियों को सौंपने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस ने खदान जल्दी शुरू नहीं होने पर आंदोलन की धमकी भी दी है।
कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश सरकार हीरा खदान के संचालन को लेकर कभी गंभीर नहीं रही और इसे योजनाबद्ध तरीके से बंद कराने की साजिश रची जा रही है। बीजेपी सरकार अन्य उपक्रमों की तरह इसे भी प्राइवेट सेक्टर को सौंप सकती है। युवक कांग्रेस ने खदान को फिऱ से शुरू करने के लिए भारत सरकार से फॉरेस्ट एक्ट 1980 तथा वाइल्ड लाइफ एक्ट 1972 के तहत आवश्यक मंजूरी देने की मांग की है। कांग्रेस की इस राजनीतिक चाल का जो भी नतीजा निकले, लेकिन हीरा उगलने वाली पन्ना की धरती पर खदान की मौजूदगी की जरूरत से इनकार नहीं किया जा सकता।
पन्ना टाइगर रिजर्व पार्क के एरिया में स्थित एनएमडीसी के हीरा खदान में क्लीयरेंस को लेकर 1 जनवरी 2021 से काम रुक गया है। अधिकारियों के अनुसार खदान में उत्खनन के लिए राष्ट्रीय खनिज विकास कॉरपोरेशन की तरफ से 31 दिसंबर 2020 तक की ही अनुमति मिली थी। इसी वजह से काम रोका गया है। एनएमडीसी फिर से क्लीयरेंस के लिए प्रक्रिया शुरू कर रही है। इसकी मंजूरी भारत सरकार से मिलेगी। इधर, खदान में काम बंद होने से स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है, क्योंकि यह इस इलाके में हजारों लोगों के लिए रोजगार का जरिया भी है।

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